सोमवार, 21 दिसंबर 2009

कर्म का संकल्प लो -मेरी दूसरी कविता



यह कविता अनुभूति पर भी प्रकाशित: http://www.anubhuti-hindi.org/nayihawa/p/prakash_pankaj/index.htm

4 टिप्‍पणियां:

  1. कर्म पथ पर चलना ही मानव के वश मे है....यही जीवन को राह दिखता है....

    आपकी कविता से बहुतों का कल्याण हो सकता है.....कृपया आप इन्हे युवा वर्ग की पत्रिकाओं जैसे जोश, दिशा , लक्ष्य आदि मे प्रकाशित करवाएँ ....

    मैने आपकी कविता दिल्ली के अनेक मित्रों को भेजी जिसका जोश के साथ स्वागत हुआ....सभी की ओर से पंकज जी को धन्यवाद...

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  2. आज ही आपके ब्लॉग में प्रवेश किया, ओर आपकी ये कविता पड़ी, बहुत अच्छी लगी...
    मैं अपने कुछ दोस्तों को ये कविता भेजना चाहूंगी अगर आपकी इजाजत ही तो ..

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