
पंकज-पत्र का एक पक्ष पंकिल दूसरा पक्ष निर्मल। पंकिल शब्दों द्वारा निर्मल सन्देश पहुँचाने का एक प्रयास। यदि मेरी ये पंकिल कविताएँ आपको निर्मल लगीं और पसंद आई तो इस पते(लिंक) को मित्रों में भी अवश्य बांटें, आपका आभारी रहूँगा। - प्रकाश ‘पंकज’ | © सर्वाधिकार सुरक्षित
दो पहिये जीवन के पथ पर आगे तक जाते है, जहाँ तक जीवन आगे न बढ जाय
जवाब देंहटाएंरचना अच्छी है