बुधवार, 24 फ़रवरी 2010

मंदिर मस्जिद मिट जाने दो, मरघट उनको हो जाने दो ।


मंदिर-मस्जिद मिट जाने दो, मरघट उनको हो जाने दो ,
तुम न रोपो आज शिवालय, शिव को धरती पर आने दो ,
फिर तांडव जग में मच जाने दो, चिर वसुधा को धँस जाने दो ।
- प्रकाश 'पंकज'

5 टिप्‍पणियां:

  1. bahut badiya prakash ji likhte rahiye
    http://bejubankalam.blogspot.com/

    उत्तर देंहटाएं
  2. बहुत सही बात.....सचमुच बैर बढाते मन्दिर-मस्जिद...तो मिट जाने दो...मरघट उनको हो जाने दो.....खूब!

    उत्तर देंहटाएं

इस गैज़ेट में एक गड़बड़ी थी.