
मंदिर-मस्जिद मिट जाने दो, मरघट उनको हो जाने दो ,
तुम न रोपो आज शिवालय, शिव को धरती पर आने दो ,
फिर तांडव जग में मच जाने दो, चिर वसुधा को धँस जाने दो ।
- प्रकाश 'पंकज'
तुम न रोपो आज शिवालय, शिव को धरती पर आने दो ,
फिर तांडव जग में मच जाने दो, चिर वसुधा को धँस जाने दो ।
- प्रकाश 'पंकज'
bahut badiya prakash ji likhte rahiye
जवाब देंहटाएंhttp://bejubankalam.blogspot.com/
good---------------
जवाब देंहटाएंप्रशंसनीय ।
जवाब देंहटाएंवाह क्या बात कही धन्यवाद
जवाब देंहटाएंबहुत सही बात.....सचमुच बैर बढाते मन्दिर-मस्जिद...तो मिट जाने दो...मरघट उनको हो जाने दो.....खूब!
जवाब देंहटाएं